
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी की तेज धाराओं ने एक परिवार को छीन लिया। बुधवार शाम को भैरमगढ़ क्षेत्र के उस्परी झीली घाट पर नाव दुर्घटना में एक मां और उसके नवजात शिशु की दर्दनाक मौत हो गई। 18 घंटे गुजरने के बाद भी महिला के पति और एक बच्चा लापता हैं, तलाश तेज जारी है।
बोडगा गांव के छह ग्रामीण साप्ताहिक बाजार से लौट रहे थे जब नदी के बीच में नाव का संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय लोगों ने दो को बचा लिया, लेकिन बाकियों का कुछ पता न चला। रात होने और जिला मुख्यालय से 80 किमी दूरी के कारण बचाव कार्य रुका रहा।
गुरुवार सुबह अभियान तेज हुआ तो मां और बच्चे के शव मिले। बच्चे को मां ने तौलिए से बांध रखा था, जो उसके अंतिम संघर्ष की गवाही देता है। स्वास्थ्य दलों को अलर्ट रखा गया है।
ये इलाके पुलों के अभाव में नावों पर निर्भर हैं, जहां ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं। ग्रामीणों की लंबे समय से मांग है कि स्थायी पुल बनें और बचाव सुविधाएं मजबूत हों। अधिकारी लापता लोगों की खोज में जुटे हैं, परिजनों को सहायता दी जा रही है।
यह हादसा क्षेत्र की लापरवाही को उजागर करता है, जहां बुनियादी ढांचे की कमी जानलेवा साबित हो रही है।