
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में सभी विभागाध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस उच्चस्तरीय समीक्षा में विभागीय कार्यों की स्थिति, परियोजनाओं की प्रगति और आगामी वित्तीय योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि पांच करोड़ से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं को एक सप्ताह में ‘सीएम-प्रगति’ पोर्टल पर दर्ज किया जाए। यह आंतरिक प्लेटफॉर्म परियोजनाओं की सतत निगरानी और शीर्ष स्तर पर समीक्षा सुनिश्चित करेगा। मुख्य सचिव राजीव वर्मा सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
पारदर्शिता पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने पोर्टल पर विकास कार्यों की अपडेटेड रिपोर्ट डाले, जिससे जनता को सटीक जानकारी मिले। उन्होंने जोर दिया कि सभी परियोजनाएं समयबद्ध पूरी हों, विभाग जिम्मेदार बनें और लंबित कार्य उच्च स्तर पर निपटाए जाएं।
बैठक में ‘दिल्ली मित्र’ पोर्टल के शुभारंभ की घोषणा की गई। यह नागरिक शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए डिजिटल माध्यम बनेगा। तकनीकी कार्य, कर्मचारी प्रशिक्षण और विभागीय एकीकरण को जल्द पूरा करने के आदेश दिए गए। सीएम ने कहा कि यह पोर्टल सरकार-नागरिक संवाद को मजबूत करेगा।
गर्मियों की चुनौतियों के लिए अभी से तैयारी के निर्देश जारी हुए। जल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था, अस्पताल सुविधाएं, सड़क मरम्मत और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने पर बल दिया गया। गर्मी में जनता को कोई असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
सरकार ‘परिणामोन्मुखी शासन’ की ओर अग्रसर है, जहां योजनाएं कागजों से निकलकर धरातल पर दिखें। समयबद्धता, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता से दिल्ली का विकास सुनिश्चित होगा।