
प्रयागराज के पावन संगम तट पर आयोजित माघ मेला अपने चरम पर पहुंचने को तैयार है। 23 जनवरी को बसंत पंचमी का चौथा मुख्य स्नान पर्व होने जा रहा है, जो अचला सप्तमी और सप्ताहांत के साथ मिलकर 3.5 करोड़ से अधिक भक्तों को त्रिवेणी में डुबकी लगाने के लिए आकर्षित करेगा।
मेला प्रशासन ने पूर्ण तैयारी कर ली है। 3.5 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में 24 घाट निर्मल जल और स्वच्छता से लैस हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए पंटून पुलों पर विशेष इंतजाम: परेड से झूसी के लिए पुल नंबर 3,5,7; झूसी से परेड के लिए 4,6। आपातकालीन पुल 1,2 पर भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।
मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने ट्रैफिक प्लान जारी किया है। जिला सीमा पर ही भारी-हल्के वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा, सिवाय मेला वाहनों के। 23 जनवरी को नया यमुना पुल बंद रहेगा, पुराना पुल ही चलेगा। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
ज्योतिषियों के अनुसार, गुरुवार रात 2:28 बजे से पंचमी तिथि प्रारंभ होकर 23 जनवरी रात 1:56 तक रहेगी। इस दौरान पीले अन्न-वस्त्र दान का विधान है। 25 जनवरी को अचला सप्तमी पर अन्न भंडारे आयोजित होंगे।
माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मौनी अमावस्या के बाद यह सबसे बड़ा स्नान होगा। सभी व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुगमता सुनिश्चित करेंगी, जो इस मेले को विश्व पटल पर अमर बनाती हैं।