
नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी करने के फैसले पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद और पीड़ादायी करार दिया, जो 41 वर्षों बाद भी पीड़ितों को न्याय से वंचित रखता है।
आईएएनएस से बातचीत में चुघ ने कहा कि इतने लंबे समय के बाद भी दोषियों को बचाने की साजिश न्याय व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘सिखों पर दंगे भड़काने और बेगुनाहों की हत्या करने वालों को किसी भी सूरत में सजा से बचने नहीं दिया जाएगा। पीड़ित परिवार इंसाफ के इंतजार में आज भी तड़प रहे हैं और यह फैसला उनके जख्मों को ताजा कर देता है।’
चुघ ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा ऐसे अपराधियों को ढाल बनाकर पेश किया है। यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस लगातार ‘जालिमों’ को संरक्षण देती रही है, जिससे न्याय अधर में लटका रहता है।
दूसरी तरफ, चुघ ने राजस्थान सरकार के जनसांख्यिकीय असंतुलन दूर करने वाले फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश की आबादी को संतुलित रखना राष्ट्रीय जरूरत है। घुसपैठियों की शिनाख्त कर उन्हें हटाना और आवश्यकता पर देश से बाहर करना अनिवार्य है। अवैध निवासी गरीब भारतीयों के अधिकारों का अतिक्रमण करते हैं। यह कदम आमजन के हितों की रक्षा करेगा और देश की सुरक्षा व सामाजिक संतुलन को मजबूत बनाएगा।