
महाराष्ट्र में त्वरित न्याय की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में न्याय सहायक वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान ने रिकॉर्ड सफलता हासिल की है। ‘सभी के लिए न्याय, त्वरित न्याय’ के मंत्र पर चलते हुए सरकार ने नई आपराधिक कानूनों के तहत फॉरेंसिक प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया है।
2025 की शुरुआत में संचालनालय के पास 1 लाख 81 हजार मामले लंबित थे और 2 लाख 94 हजार नए मामले आए। दिसंबर 2025 तक 3 लाख 96 हजार 879 मामलों का निपटारा कर लंबित संख्या घटाकर 79 हजार 542 रह गई। यह उपलब्धि कर्मचारियों के 8 बजे सुबह से 8 बजे रात तक काम और सरकारी छुट्टियों में भी प्रयास से संभव हुई।
मानक क्षमता से कहीं अधिक 1 लाख 2 हजार 413 अतिरिक्त मामले सुलझाए गए। कन्वेंशनल फॉरेंसिक विभाग ने 3 लाख 96 हजार 275 मामले निपटाए। फरवरी 2026 से नए मामलों का उसी दिन विश्लेषण शुरू होगा। साइबर, कंप्यूटर और ऑडियो-वीडियो विभागों में भी गति पकड़ी है।
पीड़ितों को अब वर्षों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रत्येक उप-विभागीय पुलिस कार्यालय को मोबाइल फॉरेंसिक वैन देकर व्यवस्था मजबूत हो रही है। फडणवीस का यह कदम न्याय प्रणाली को नई गति प्रदान कर रहा है।