
अहमदाबाद के प्रवर्तन निदेशालय ने खैर लकड़ी की अवैध तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में करीब 11.3 करोड़ रुपये कीमत की 14 अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई, जो गुजरात के संरक्षित वनों में हो रही अवैध कटाई के नेटवर्क पर सीधी चोट है।
सूरत वन मंडल के मंडवी साउथ रेंज अधिकारी की एफआईआर से शुरू हुई जांच ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन उजागर किया। मुस्ताक आदम तसिया, मोहम्मद ताहिर अहमद हुसैन और उनके साथियों ने व्यारा, तापी, सूरत, वलसाड, नवसारी व नर्मदा के अभयारण्यों से बिना इजाजत खैर के पेड़ काटे और अन्य राज्यों में तस्करी कर ग्रे मार्केट में बेचे।
इससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान हुआ, साथ ही वन्यजीवों के निवास को गहरा आघात पहुंचा। ईडी ने गोधरा में स्थित इन संपत्तियों को अपराध की कमाई घोषित कर अस्थायी रूप से जब्त किया। पहले 12 जनवरी को प्रेम देवी लूनिया व पायल चोकसी की दो संपत्तियां कुर्क हुईं, जिनकी बाजार मूल्य 4.65 करोड़ है।
ओरिएंटल बैंक की शिकायत पर सीबीआई की जांच में रंजीत लूनिया ने वैल्यूअर मयूर शाह व बैंक अधिकारियों से सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेज बनाए। 1.50 लाख की क्रेडिट लिमिट पर बकाया 10.932 करोड़ हो गया। लोन राशि खातों में घुमाई गई, कैश निकालकर सोना व हाउस लोन में लगाई।
जांच जारी है, जो पर्यावरण अपराधों व वित्तीय धोखाधड़ी के गठजोड़ को बेनकाब कर रही है। ईडी की यह मुहिम वनों की रक्षा व अपराधियों पर लगाम कसने का संकल्प दर्शाती है।