
मुंबई, 22 जनवरी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है और इसी बीच एसआईआर प्रक्रिया पर सियासत गर्माती जा रही है। सत्ताधारी टीएमसी इसे एनआरसी का छिपा रूप बता रही है। ऐसे में अभिनेत्री मुनमुन सेन ने एनआरसी पर ऐसा बयान दिया है जो सुर्खियां बटोर रहा है।
उन्होंने कहा कि एनआरसी का विचार देने वाले का दिमाग शायद ठीक नहीं है। 1984 की फिल्म ‘अंदर बाहर’ से डेब्यू करने वाली मुनमुन ने अपने ड्राइवर का उदाहरण दिया। ‘उनके माता-पिता अनपढ़ किसान हैं, कोई कागजात नहीं, राशन कार्ड तक नहीं। पहले तो बेटे होने का सबूत दो, तभी अधिकारी पिता के दस्तावेज देखेंगे।’
वह आगे बोलीं, ‘एनआरसी बनाने वाले को एनआईएमएचएनएस जाना चाहिए। फैसला लेने वाला मानसिक रूप से अस्थिर है।’ बंगाल में एनआरसी का मुद्दा पुराना है। ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि राज्य में एनआरसी या सीएए नहीं चलेगा।
मुनमुन 2014 में टीएमसी से जुड़ीं, बांकुरा से लोकसभा जीतीं, लेकिन 2019 में आसनसोल में बाबुल सुप्रियो से हारीं। हमेशा ग्लैमर और बयानों से चर्चित रहीं। अब राजनीति से दूर हैं, लेकिन यह बयान फिर लाया है। चुनाव से पहले यह बहस को नई ऊंचाई दे सकता है।
बंगाल की विविधता में एनआरसी जैसे मुद्दे संवेदनशील हैं। गरीबों के लिए दस्तावेज जुटाना चुनौती है। मुनमुन का बयान इसी पीड़ा को उजागर करता है।