
नई दिल्ली। सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) ने गुरुवार को अपने 11 साल पूरे कर लिए। बेटियों के लिए शुरू हुई यह योजना आज देश की सबसे भरोसेमंद बचत स्कीम बन चुकी है, जो न केवल पैसे बढ़ाती है बल्कि उनके स्वावलंबी भविष्य की नींव रखती है।
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत 22 जनवरी 2015 को शुरू हुई एसएसवाई ने 4.53 करोड़ से ज्यादा खाते खुलवा दिए। दिसंबर 2025 तक इसमें 3.33 लाख करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, जो इसकी अपार लोकप्रियता दर्शाता है।
वर्तमान में 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है, जो सरकारी योजनाओं में सर्वोच्च है। पूरी राशि भारत सरकार की गारंटी पर है, जो इसे जोखिम-रहित बनाती है। यह शिक्षा और विवाह खर्च के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
कौन खोल सकता है? बेटी के माता-पिता या अभिभावक, लड़की के जन्म से 10 साल तक। प्रति बेटी एक खाता, परिवार में अधिकतम दो। जुड़वां बेटियों पर छूट। 18 साल तक अभिभावक संचालित करेंगे।
जरूरी कागजात: जन्म प्रमाण पत्र, आधार, पैन/फॉर्म 60। सालाना 250 से 1.5 लाख तक जमा, 15 साल तक। ब्याज मासिक गणना पर सालाना जुड़ता है।
18 साल या 10वीं पास के बाद 50% शिक्षा के लिए निकासी। 21 साल परिपक्वता। समय से पहले बंदी केवल विवाह (18+ ) या मृत्यु पर। पहले 5 साल लॉक।
टैक्स छूट और उच्च ब्याज से एसएसवाई बेटियों के लिए आदर्श। यह परिवारों को बचत की संस्कृति सिखाती और भविष्य सुरक्षित करती है।