
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल मच गया है। भारतीय जनता पार्टी ने उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन से तत्काल इस्तीफे की कड़ी मांग की है। पार्टी का कहना है कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के फैसले ने स्टालिन की सार्वजनिक पद पर अयोग्यता को बेनकाब कर दिया है।
तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने कहा कि कोर्ट ने भाजपा नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया। यह फैसला 20 जनवरी को आया, जिसमें जस्टिस एस. श्रीमाथी ने मालवीय के सोशल मीडिया पोस्ट को अपराध नहीं माना।
प्रसाद ने याद दिलाया कि सितंबर 2023 में एक कार्यक्रम में स्टालिन ने सनातन धर्म को मलेरिया, डेंगू और कोरोना जैसी बीमारियों से तुलना कर खत्म करने की बात कही थी। इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची।
कोर्ट ने एफआईआर को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। प्रसाद ने जोर देकर कहा कि भड़काऊ बयानों की आलोचना अपराध नहीं हो सकती। संविधान धर्म स्वतंत्रता और समानता की गारंटी देता है।
‘मंत्री पद की शपथ लेने वाला कोई धर्म का अपमान नहीं कर सकता। इस्तीफा संवैधानिक और नैतिक जरूरी है।’ भाजपा का यह रुख तमिलनाडु में धार्मिक सद्भाव और राजनीतिक जवाबदेही पर बहस छेड़ सकता है।