
असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की सिंगापुर में संदिग्ध मौत का मामला फिर सुर्खियों में है। कामरूप जिला एवं सत्र न्यायालय गुरुवार को पांच मुख्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा। विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दाखिल विस्तृत आरोपपत्र के बाद यह सुनवाई बेहद अहम है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
श्यामकानु महंता और अमृतप्रभा महंता जैसे आरोपी अपनी जांच में पूर्ण सहयोग का दावा करते हुए रिहाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच समाप्त हो चुकी है, इसलिए न्यायिक हिरासत की कोई जरूरत नहीं।
आरोपपत्र में गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और बैंडमेट शेखरज्योति गोस्वामी पर हत्या का आरोप है। वहीं, चचेरे भाई व निलंबित पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का इल्जाम लगाया गया। एसआईटी ने गवाह बयान, फॉरेंसिक, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और विदेशी जानकारी से केस तैयार किया।
सिंगापुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि मौत डूबने से हुई, जिसमें साजिश के कोई निशान नहीं। जुबीन नशे में थे, यॉट पर शराब पी चुके थे। वे तैरने गए, थकान बताई फिर दोबारा उतरे। ब्लड प्रेशर व मिर्गी की समस्या थी, खून में दवाओं के निशान मिले।
यॉट कैप्टन ने गवाही दी कि जुबीन चलने में अस्थिर थे, सहारा लिया और बिना लाइफ जैकेट पानी में जाने से रोके गए। आरोपी खुद को बेकसूर बता रहे हैं। आज की सुनवाई मामले की दिशा तय करेगी।