
भारत और नामीबिया के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं, जो 1946 में संयुक्त राष्ट्र में नामीबिया की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाने से शुरू हुए। भारत ने नामीबियाई स्वाधीनता संग्राम में मजबूती से साथ दिया। दक्षिणी अफ्रीका का यह विशाल देश 8.25 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है, लेकिन जनसंख्या मात्र 31 लाख के करीब। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर नामीबिया खनिज, ऊर्जा और समुद्री संपदा के लिए प्रसिद्ध है।
1990 में स्वतंत्रता के बाद दोनों देशों के राजनयिक संबंध स्थापित हुए। विंडहोक में भारत का उच्चायोग राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन और राष्ट्रमंडल जैसे मंचों पर दोनों एक-दूसरे का साथ देते हैं।
व्यापार में तेजी आई है। नामीबिया से भारत को यूरेनियम, हीरे, तांबा, जिंक, समुद्री उत्पाद और पेट्रोलियम मिलते हैं। भारत से फार्मास्यूटिकल्स, वाहन, चावल, गेहूं, दालें, मशीनरी और रक्षा सामग्री निर्यात होती है। भारतीय कंपनियां खनन, ऊर्जा, स्वास्थ्य और आईटी में निवेश कर रही हैं।
योग और आयुर्वेद सांस्कृतिक पुल हैं। छोटा भारतीय समुदाय सक्रिय है। शिक्षा और छात्रवृत्ति संबंध मजबूत कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है, जो संबंधों की गहराई दिखाता है। भविष्य में यह साझेदारी और मजबूत होगी।