
कर्नाटक सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उमेश कुमार को नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (डीसीआरई) का अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। यह आदेश बुधवार को जारी हुआ, जो पूर्व डीजीपी के. रामचंद्र राव के अश्लील वीडियो विवाद के बाद आया है।
उमेश कुमार वर्तमान में भर्ती के पुलिस महानिदेशक हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से डीसीआरई का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। डीसीआरई अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की जांच करता है तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है।
रामचंद्र राव पर 19 जनवरी को वायरल वीडियो में महिलाओं के साथ अशोभनीय व्यवहार का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर वीडियो फैलते ही सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में उनके आचरण को सरकारी सेवा के अयोग्य बताया गया तथा इसे आल इंडिया सर्विसेज कंडक्ट रूल्स का उल्लंघन कहा गया।
यह बदलाव संवेदनशील विभाग में स्थिरता लाने का प्रयास है। उमेश कुमार 1995 बैच के अनुभवी अधिकारी हैं, जो पहले केएसआरपी में एडीजीपी रह चुके हैं। सितंबर 2025 में उन्हें डीजीपी (भर्ती) पद पर पदोन्नत किया गया था।
अधिसूचना कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के अवर सचिव केवी अशोक ने जारी की। यह राज्यपाल के नाम पर विधान सौधा से प्रसारित हुई। प्रतियां कर्नाटक राजपत्र कंपाइलर, महालेखाकार, गृह मंत्रालय दिल्ली, सीएमओ, गृह विभाग एवं पुलिस मुख्यालय को भेजी गईं।
कर्नाटक सरकार ने इस कदम से सरकारी जवाबदेही को मजबूत करने का संदेश दिया है। डीसीआरई जैसे महत्वपूर्ण संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है। उमेश कुमार के नेतृत्व में विभाग अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाएगा।