
नई दिल्ली में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को अपने मुख्यालय में एक खास समारोह में एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस (ईपीएल) सेवाओं का आगाज किया। यह कदम विमानन क्षेत्र में डिजिटल रूपांतरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार, ईपीएल एक अत्याधुनिक डिजिटल दस्तावेज है जो आईसीएओ मानकों के अनुरूप सुरक्षा विशेषताओं से लैस है। यह नकली दस्तावेजों को रोकता है, प्रामाणिकता सुनिश्चित करता है और तत्काल सत्यापन की सुविधा देता है। पायलट अब ईजीसीए मोबाइल ऐप के माध्यम से इसे आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
डीजीसीए ने फरवरी 2025 में सीपीएल और एफआरटीओएल के लिए ईपीएल शुरू किया था। एटीपीएल के लिए इस सेवा के विस्तार से नियामक अपनी दक्षता, पारदर्शिता और बेहतर सेवा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को मजबूत कर रहा है।
इधर, डीजीसीए ने दिसंबर 2025 में इंदिगो पर उड़ान रद्दीकरण के लिए 222 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना ठोका। 3 से 5 दिसंबर के बीच 2507 उड़ानें रद्द और 1852 में देरी से तीन लाख से ज्यादा यात्री फंस गए। इसमें 18 करोड़ का एकमुश्त दंड और 68 दिनों के ड्यूटी टाइम नियम उल्लंघन पर प्रतिदिन 30 लाख का जुर्माना शामिल है। यह कार्रवाई विमानन सुरक्षा पर नियामक की सख्ती दर्शाती है।