
झारखंड के गोड्डा जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष कुमार साह ने अपनी पत्नी वंदना कुमारी की हत्या की साजिश रची। 17 जनवरी को पथरगामा थाना क्षेत्र के गांधीग्राम फ्लाईओवर के पास बाइक सवार अपराधियों ने वंदना पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिसमें उन्हें दो गोलियां लगीं।
वंदना उस समय गोड्डा कोर्ट में गवाही देकर मायके लौट रही थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गोड्डा सदर अस्पताल और फिर भागलपुर रेफर किया गया। पुलिस ने 72 घंटों में केस का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी मुकेश कुमार ने बताया कि संतोष और वंदना के बीच दहेज विवाद और तलाक का केस चल रहा था। 2019 में हुई शादी के बाद संतोष ने 15 लाख रुपये दहेज की मांग की, जिसके चलते वंदना ने 2020 में प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया। बदले में संतोष ने तलाक का केस ठोंका।
संतोष ने छोटे भाई सुबोध के साथ मिलकर दो लाख रुपये में सुपारी दी। बिहार के भागलपुर से श्याम कुमार साह, सुबोध और मोहम्मद आरिफ गिरफ्तार। तीन अन्य फरार। पुलिस ने दो बाइक, हेलमेट, मास्क, कट्टा और खोखा बरामद किए।
कुल छह साजिशकर्ता, चार शूटर दो बाइक पर आए। संतोष को नोटिस जारी। तकनीकी साक्ष्य और सीडीआर से जांच तेज। यह घटना न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, जहां कानून के रखवाले ही अपराध की राह चुन लें। वंदना के जिंदा रहने से न्याय की उम्मीद बंधी है।