
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने बुधवार को टोंक में मतदाता सूची के विशेष संशोधन के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों की बैठक में कहा कि योग्य मतदाताओं के नाम सूची से काटना अन्यायपूर्ण और बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर जोर देकर कहा कि हर नागरिक के वोट डालने के अधिकार की हिफाजत उसका संवैधानिक फर्ज है।
पायलट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी हाल में पात्र वोटर को उसके हक से महरूम नहीं किया जाना चाहिए। वोट का अधिकार हमारी लोकतंत्र की सबसे अनमोल विरासत है, इसे छीनने की कोई कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी।
देशभर से आ रही खबरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि राजनीतिक फायदे के लिए बीएलओ पर नाम जोड़ने-हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। यह गंभीर समस्या है, जिसे संवेदनशीलता से निपटना होगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सबूतों के साथ उठाए गए मुद्दों और बिहार चुनावों की घटनाओं का जिक्र करते हुए पायलट ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। ऐसे में कार्यकर्ताओं और नागरिकों को चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बचाने के लिए सजग रहना जरूरी है।
टोंक के बीएलओ के प्रयासों की तारीफ करते हुए उन्होंने उनके साहस और सतर्कता को सराहा। सूची का अंतिम प्रकाशन तक जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। दस्तावेजी खामियों से किसी का नाम न कटे, यही हमारा सामूहिक कर्तव्य है। पायलट ने कार्यकर्ताओं से सतर्कता बरतने और वोटरों की मदद करने को कहा।