
नई दिल्ली में बुधवार को राष्ट्रपति भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत और स्पेन को आतंकवाद के हर रूप का डटकर मुकाबला करने के लिए अपनी ताकतों को जोड़ना होगा।
दोनों देश इस वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए एकजुट हैं। राष्ट्रपति ने अल्बारेस का स्वागत करते हुए भारत-स्पेन संबंधों की गहरी जड़ों का जिक्र किया, जो सदियों से व्यापार, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिकी हैं।
इस वर्ष राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है, जिसे संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता वर्ष के रूप में चिह्नित किया गया है। आर्थिक मोर्चे पर प्रगति उल्लेखनीय है, जिसमें इंजीनियरिंग, रेल, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी विकास और रक्षा-अंतरिक्ष क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर भरोसा जताया, जो व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। बहुपक्षीय मंचों जैसे संयुक्त राष्ट्र और जी-20 पर सहयोग से वैश्विक शांति सुनिश्चित होगी।
आतंकवाद वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा है, इसलिए संसाधनों का समन्वय जरूरी है। भारत-यूरोप संबंध मजबूत हो रहे हैं, और 77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय नेताओं का स्वागत होने को तैयार है। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच नए युग की शुरुआत है।