
दक्षिणी लेबनान में इजरायल ने हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर बुधवार को दो एयरस्ट्राइक किए। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने सिडोन क्षेत्र में पहले हमले को अंजाम दिया, जहां हिज्बुल्लाह के आतंकियों को निशाना बनाया गया। इसके बाद टायर के निकट बुर्ज अल-शेमाली में दूसरा स्ट्राइक हुआ, जिसमें एक प्रमुख हिज्बुल्लाह कार्यकर्ता को मार गिराया गया।
आईडीएफ के अनुसार, यह आतंकी रात भर गाजा सीजफायर लाइन के दक्षिण पार कर 188वीं आर्मर्ड ब्रिगेड के करीब पहुंचा था। येलो लाइन लांघते ही खतरा साफ दिखा, इसलिए सैनिकों ने गोलीबारी कर उसे धूल चटा दी। शुरुआती खबरों में हताहतों की कोई पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन अब इजरायली सेना ने सफलता की पुष्टि की है।
अक्टूबर के सीजफायर के बाद से आईडीएफ ने दर्जनों ऐसे आतंकियों को नेस्तनाबूद किया है। अमेरिका की मध्यस्थता वाला यह युद्धविराम हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर जोर देता है। इसी कड़ी में लेबनानी सेना ने दक्षिणी इलाकों में गैर-सरकारी हथियारों पर नियंत्रण का पहला चरण पूरा किया।
लिटानी नदी और इजरायली सीमा के बीच वाले क्षेत्र में सेना ने मजबूत पकड़ बना ली है, जो बॉर्डर से 30 किलोमीटर दूर है। हिज्बुल्लाह का नाम न लेते हुए भी इसे उनके खिलाफ कदम माना जा रहा। इजरायल ने लेबनानी सरकार की इस पहल की खुलकर तारीफ की है।
ये घटनाएं क्षेत्रीय तनाव को दर्शाती हैं, लेकिन निरस्त्रीकरण से शांति की उम्मीद बंधी है। दोनों पक्षों को समझौते का पालन करना होगा ताकि हिंसा न बढ़े।