
नारा, जापान। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की निर्मम हत्या के आरोपी तेत्सुया यामागामी को नारा जिला अदालत ने बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। 45 वर्षीय यामागामी ने 2022 में नारा में एक चुनावी भाषण के दौरान घरेलू बनी पिस्तौल से आबे को गोली मार दी थी, जिससे 67 वर्षीय नेता की मौके पर ही मौत हो गई।
अदालत ने इस कांड को अत्यंत घृणित और समाज के लिए खतरनाक करार दिया। अभियोजन पक्ष ने उम्रकैद की सिफारिश की थी, जबकि बचाव पक्ष ने 20 वर्ष से कम सजा की मांग की। वकीलों का तर्क था कि यामागामी की दर्दनाक परवरिश और यूनिफिकेशन चर्च से जुड़ी पारिवारिक त्रासदी ने उसे इस कदम पर मजबूर किया।
यामागामी ने स्वीकार किया कि उसकी मां ने चर्च को 10 करोड़ येन (लगभग 6.33 लाख डॉलर) दान दे दिए थे, जिससे परिवार कंगाल हो गया। वह आबे को चर्च के राजनीतिक प्रभाव का केंद्र मानता था। इस घटना ने चर्च की लूटेरी वसूलियों पर रोशनी डाली, जिसके बाद सरकार ने जांच शुरू की।
टोक्यो अदालत ने चर्च को भंग करने और टैक्स लाभ छीनने का आदेश दिया। 2022 में धन उगाही के जोर-जबरदस्ती तरीकों पर अंकुश लगाने वाला कानून बना। ‘दूसरी पीढ़ी’ अनुयायियों की व्यथा ने जनता का गुस्सा भड़काया।
आबे जापान के सबसे लंबे समय तक शासित नेता थे। राजनीतिक खानदान से ताल्लुक रखने वाले आबे ने 2006-07 और फिर 2012 से 2020 तक पीएम रहकर अर्थव्यवस्था और विदेश नीति में क्रांति लाई। यह सजा न केवल न्याय का प्रतीक है, बल्कि राजनीतिक हिंसा के खिलाफ चेतावनी भी।