
बिहार के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राजधानी पटना के करीब गौरीचक प्रखंड के चंदासी गांव में भगवान शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप की एक अत्यंत भव्य प्रतिमा का निर्माण अंतिम चरणों में है। 108 फीट की ऊंचाई वाली यह प्रतिमा संभवतः दुनिया की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर मूर्ति होगी। पिछले तीन वर्षों से महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से आए 200 से अधिक कुशल कारीगर इस महाकाय संरचना को आकार देने में जुटे हैं। पत्थर और सीमेंट से निर्मित इस प्रतिमा को बेहद मजबूती के साथ बनाया जा रहा है, जिसके लिए जमीन के नीचे 60 फीट गहरे 60 पिलर लगाए गए हैं।
एक एकड़ में फैले इस विशाल मंदिर परिसर को ’33 कोटि देवी-देवताओं’ के वास की परिकल्पना के साथ तैयार किया जा रहा है। यहाँ अर्धनारीश्वर की मुख्य प्रतिमा के साथ-साथ 111 अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित की जा रही हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार पर हनुमान जी और शनि देव की विशाल प्रतिमाएं भक्तों का स्वागत करेंगी। इसके अतिरिक्त, भगवान गणेश और कार्तिकेय की भी 41-41 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनाई गई हैं। पटना-गया मार्ग पर स्थित होने के कारण, यह स्थल भविष्य में एक प्रमुख शिव तीर्थ के रूप में विकसित होगा, जिससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि बिहार को वैश्विक मानचित्र पर भी एक नई पहचान मिलेगी।
