
रांची, 21 जनवरी। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कांग्रेस पर देश के बंटवारे में सीधी भूमिका निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने अधिवेशन में ही मोहम्मद अली जिन्ना के प्रस्ताव को स्वीकार कर विभाजन का समर्थन किया था। आईएएनएस से बातचीत में देव ने दिग्विजय सिंह के बयानों, रामसेतु विवाद, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस और बांग्लादेश में चुनाव पूर्व तनाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी।
दिग्विजय सिंह के विभाजन संबंधी आरोपों पर देव ने कहा कि सच्चाई किसी से छिपी नहीं। जिन जिन्ना के प्रस्ताव को कांग्रेस ने मंजूरी दी, उनके कारण देश दो टुकड़ों में बंटा। ऐसे लोग बयान देने से पहले शर्मिंदा हों।
रामसेतु और सनातन धर्म पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए देव ने याद दिलाया कि 2007 में यूपीए सरकार ने राम और रामायण को काल्पनिक ठहराया था। शिपिंग माफिया के दबाव में रामसेतु तोड़ने की साजिश रची गई। तमिलनाडु में दीप प्रदक्षिणा जैसे कदम हिंदू आस्था पर चोट थे, जिन्हें भाजपा कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
संगम घाट पर शंकराचार्य और प्रशासनिक टकराव को देव ने नियमों का पालन बताया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे शंकराचार्य का रथ 100 मीटर पहले रोका गया। भीड़ को देखते हुए हादसे की आशंका थी, इसलिए कानून का सख्ती से पालन जरूरी था।
बांग्लादेश में 12 फरवरी के चुनाव से पहले हिंदू और सनातनी समुदाय पर हमलों पर चिंता जताते हुए देव ने कहा कि जिहादी तत्व माहौल बिगाड़ रहे हैं ताकि चुनाव टलें और ध्रुवीकरण हो। सरकार से जिम्मेदारीपूर्ण रवैया अपेक्षित है।
ग्रीनलैंड-अमेरिका और टैरिफ मुद्दे पर देव ने भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था की सराहना की। मोदी के 11 वर्षों में जीडीपी लगातार बढ़ी, जबकि वैश्विक अर्थतंत्र जूझ रहे हैं।