
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के भविष्य को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए। सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला नवा रायपुर को एक प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर रहा। राज्य सरकार ने प्रतिष्ठित विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ जमीन 90 साल की लीज पर देने की मंजूरी दी है। इस संस्थान के आने से छत्तीसगढ़ के छात्रों को अब उच्च स्तरीय प्रबंधन शिक्षा के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना होगा।
बैठक में तकनीकी विकास और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। सरकार ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत नवा रायपुर में 4 नए उद्यमिता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में काम करेंगे। अगले तीन से पांच वर्षों में इन केंद्रों के माध्यम से 133 विशिष्ट स्टार्टअप्स को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, राज्य के युवाओं और एमएसएमई को इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में मदद करने के लिए एक विशेष ईएसडीडी केंद्र भी बनाया जाएगा।
