
तमिलनाडु के थूथुकुडी में भारी बारिश ने नमक उत्पादन के विशाल खेतों को पक्षियों के लिए अनोखा आश्रय बना दिया है। वन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी इसे एक दुर्लभ पारिस्थितिक घटना बता रहे हैं, जो प्रवासी पक्षियों को आकर्षित कर रही है।
असामान्य वर्षा से नमक के खेतों में पानी भर गया, जो अब उथले जलाशयों की तरह काम कर रहे हैं। वन अधिकारियों के मुताबिक, यह सामान्य नहीं है। बारिश ने छोटी मछलियां, लार्वा और कीड़े बढ़ाए हैं, जिससे भोजन प्रचुर हो गया। पक्षी दिनभर सक्रिय होकर भोजन ग्रहण कर रहे हैं।
रोजी स्टार्लिंग्स के विशाल झुंड आसमान में घने बादलों की तरह उड़ते नजर आ रहे हैं। ये उत्तर-पश्चिम एशिया और पूर्वी यूरोप से आते हैं, अक्टूबर-नवंबर में दक्षिण भारत पहुंचते हैं। पर्यावरण विभाग की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आर. मीनाक्षी ने कहा, उनकी उपस्थिति अनुकूल परिस्थितियों का संकेत है।
ये सर्वाहारी पक्षी कीड़ों पर निर्भर हैं और झुंड में रहकर शिकारियों से बचते हैं। यदि गीली स्थिति बनी रही, तो यह क्षेत्र पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण बनेगा। यह घटना प्रकृति की अनुकूलन क्षमता को दर्शाती है।