
उंगलियों की चटकने की आवाज सुनकर बचपन से ही डांट सुननी पड़ती है। ‘गठिया हो जाएगा, हड्डियां कमजोर हो जाएंगी!’ लेकिन वैज्ञानिक अध्ययन इस भ्रम को तोड़ते हैं। आइए जानें पूरी सच्चाई।
जोड़ों में मौजूद सिनोवियल फ्लूइड ही चटकने का राज है। उंगलियां खींचने पर जोड़ों में दबाव कम होता है, गैस के बुलबुले फूटते हैं और आवाज आती है। यह हड्डियों के टूटने का संकेत नहीं, बल्कि सामान्य प्रक्रिया है।
प्रसिद्ध शोध बताते हैं कि लंबे समय तक उंगलियां चटकाने से गठिया नहीं होता। डॉक्टरों के अनुसार, स्वस्थ लोगों में कोई खतरा नहीं।
आयुर्वेद में वात दोष से जुड़ा है यह। संतुलित वात वाले सुरक्षित, लेकिन दर्द या सूजन वाले सावधान रहें।
हर शरीर अलग है। मजबूत हड्डी-जोड़ों वाले बेफिक्र रहें, बीमारियों से जूझने वालों को डॉक्टर से सलाह लें।
तनाव मुक्ति के लिए अच्छा लगे, लेकिन योग-ध्यान अपनाएं। निष्कर्ष: ज्यादातर के लिए हानिरहित आदत।