
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने में अब मात्र दो सप्ताह शेष हैं। इस बीच विभिन्न क्षेत्रों के जानकार अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने और रोजगार सृजन के लिए सुझाव दे रहे हैं। कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ संजीव कुमार गुप्ता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा कि बजट में एमएसएमई द्वारा तकनीक अपनाने पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में सक्रिय उद्यमों पर।
गुप्ता के अनुसार, ये उद्योग अर्थव्यवस्था में 1.5 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देते हैं और 10 प्रतिशत की वृद्धि दर प्राप्त कर रहे हैं। तकनीक एकीकरण से यह 18 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसके लिए एक स्पष्ट नीति जरूरी है, जिसकी उम्मीद बजट से है।
उन्होंने टियर-2 व टियर-3 शहरों में डिजिटल इकोनॉमी जोन स्थापित करने का सुझाव दिया, जिससे देशभर में करीब 100 विकास इंजन उभर सकें।
तीसरा प्रमुख सुझाव स्टार्टअप्स पर केंद्रित है। इन शहरों में लगभग एक लाख स्टार्टअप हैं, जिन्हें पांच लाख तक ले जाने वाली योजना से लाखों नौकरियां पैदा होंगी।
वित्त मंत्री एक फरवरी को सुबह 11 बजे बजट पेश करेंगे। 2000 के बाद पहली बार यह रविवार को होगा, जैसा कि 2025 और 2015 में शनिवार को हुआ था।