
मुंबई के संगीत जगत में हंगामा मच गया है। एआर रहमान के ‘कम्युनल’ बयान पर गायक अनूप जलोटा ने ऐसी सलाह दे डाली जो किसी को अख्तियार नहीं आ रही। रहमान ने हालिया इंटरव्यू में बताया कि पिछले आठ सालों से फिल्मों में उनके काम में कमी आई है। उन्होंने इसे पावर शिफ्ट का नाम दिया, जहां क्रिएटिव लोगों के बजाय गैर-क्रिएटिव ताकतें फैसले ले रही हैं। इसमें ‘कम्युनल’ पहलू भी जुड़ सकता है, ऐसा उनका इशारा था।
सोशल मीडिया पर इस बयान की जमकर आलोचना हुई। इसी बीच अनूप जलोटा ने रहमान को सीधी सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर रहमान को लगता है कि मुस्लिम होने से फिल्म प्रोजेक्ट्स नहीं मिल रहे, तो वे वापस हिंदू धर्म अपनाएं। जलोटा ने याद दिलाया कि रहमान का जन्म नाम दिलीप कुमार था और 1989 में उन्होंने इस्लाम कबूल किया। इसके बाद भी उन्होंने ऑस्कर तक जीते और संगीत की दुनिया फतह की।
‘अगर धर्म की वजह से अवसर कम हो रहे हैं, तो हिंदू बनकर देखें। फिल्में मिलने लगेंगी या नहीं, यह ट्रायल करें,’ जलोटा ने कहा। यह सुझाव भले ही विवादास्पद हो, लेकिन उद्योग में धार्मिक पूर्वाग्रहों पर सवाल उठाता है।
रहमान की सफर गौरवशाली रहा है। रज्जो से लेकर स्लमडॉग मिलियनेयर तक, उनके संगीत ने दिल जीते। लेकिन अब की स्थिति ने बहस छेड़ दी है। क्या जलोटा सही कह रहे हैं? उद्योग की हकीकत क्या है? यह विवाद संगीतकारों के भविष्य पर रोशनी डाल रहा है।