
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाते ही कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दल राज्य सरकार और पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
हालिया घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि असामाजिक तत्व बेहद कम समय में सैकड़ों हिंसक प्रदर्शनकारी जुटा लेते हैं। इससे आम जनजीवन ठप हो जाता है और जान-माल को खतरा पैदा हो जाता है।
राज्यपाल ने अधिकारियों को खुफिया तंत्र को मजबूत करने का परामर्श दिया है। केंद्र और राज्य की एजेंसियों तथा स्थानीय मुखबिरों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी बताया। रीयल टाइम खुफिया जानकारी संग्रह और विश्लेषण की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि संभावित उपद्रव की पूर्व सूचना मिल सके।
संवेदनशील मुद्दों और विवादित स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए। राज्य की खुली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को ध्यान में रखते हुए संयुक्त खुफिया तंत्र सक्रिय किया जाए। गश्त बढ़ाई जाए और समुदायों से संवाद कायम रखा जाए।
उकसाने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो, स्थानीय नेताओं से समन्वय कर तनाव कम किया जाए। संवेदनशील जिलों में निगरानी तेज हो। सहायता के कॉल्स पर फौरन जवाब दिया जाए और भीड़ नियंत्रण में संयम बरता जाए।
ये दिशा-निर्देश लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। राज्यपाल का यह प्रयास शांति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।