
नई दिल्ली। छोटे उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सरकार ने डाक विभाग के माध्यम से होने वाले निर्यातों को सभी निर्यात प्रोत्साहनों से जोड़ दिया है। संचार मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि 15 जनवरी 2025 से यह व्यवस्था लागू हो गई है।
इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), कारीगर, स्टार्टअप और छोटे निर्यातक जो कम मूल्य के सामान के लिए डाक नेटवर्क पर निर्भर हैं, उन्हें शुल्क वापसी, आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल जैसे लाभ मिलेंगे। स्वचालित आईजीएसटी रिफंड से लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
डाक विभाग ने सीबीआईसी के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए यह कदम उठाया है। देशभर में 1013 डाक घर निर्यात केंद्र (डीएनके) एक ही छत के नीचे बुकिंग, डिजिटल दस्तावेजीकरण और कस्टम क्लियरेंस जैसी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
दूरस्थ क्षेत्रों के निर्यातकों को वैश्विक बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी। यह पहल निर्यात को सरल और समावेशी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।