
ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के बयान ‘संगीत में कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं’ पर विवाद छिड़ गया है। इस पर गायक शान ने अपना पक्ष रखते हुए रहमान का खुलकर समर्थन किया है। शान ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘संगीत सार्वभौमिक है। यह धर्म, जाति या समुदाय से परे जाता है।’
रहमान का यह बयान एक सार्वजनिक चर्चा के दौरान आया, जहां उन्होंने कला और समाज पर बात की। कुछ लोगों ने इसे संवेदनशीलताओं की अनदेखी बताया, लेकिन शान ने इसे संगीत की एकता पर जोर देते हुए सही ठहराया। उन्होंने अपने करियर के उदाहरण दिए, जहां उन्होंने विभिन्न फिल्मों में गीत गाए बिना किसी भेदभाव के।
शान ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैंने लता मंगेशकर से लेकर मोहम्मद रफी तक सभी के साथ काम किया। संगीत ने कभी भेदभाव नहीं किया।’ उन्होंने रहमान की ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ और ‘पोंनियिन सेल्वन’ जैसी रचनाओं का जिक्र कर संगीत की वैश्विक अपील को रेखांकित किया।
यह विवाद भारत के मनोरंजन जगत में कला की भूमिका पर व्यापक बहस को जन्म दे रहा है। शान का मानना है कि संगीत को विभाजनकारी बनाना उसकी आत्मा के खिलाफ है। उनके लाखों प्रशंसक इस मुद्दे पर एकजुट हो सकते हैं, जो संगीत को एकजुट करने वाली शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।
