
अमेरिका में मौजूदा फ्लू सीजन बेहद घातक साबित हो रहा है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, अब तक 1.8 करोड़ से अधिक लोग फ्लू संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 2.3 लाख से ज्यादा को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जबकि 9,300 ने दम तोड़ दिया।
हालांकि पिछले दो सप्ताह से मामलों में स्थिरता या कमी देखी गई है, लेकिन पूरे देश में फ्लू का प्रकोप जारी है। इस सीजन का प्रमुख वायरस इन्फ्लुएंजा ए (एच3एन2) है, जो तेजी से फैल रहा है।
10 जनवरी तक समाप्त सप्ताह में 15 बच्चों की फ्लू से मौत दर्ज हुई, जिससे कुल बाल मृतकों की संख्या 32 पहुंच गई। चौंकाने वाली बात यह है कि 90 प्रतिशत बच्चों को फ्लू वैक्सीन का पूरा डोज नहीं मिला था।
अमेरिका में फ्लू शरद से सर्दी तक चरम पर रहता है, खासकर दिसंबर-फरवरी में। सीडीसी ने छह माह से ऊपर सभी उम्र वालों से तत्काल वैक्सीनेशन की अपील की है।
मौसमी फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला सांस की बीमारी है, जो खांसने-छींकने से फैलती है। लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गला खराब, दर्द और थकान प्रमुख हैं। ज्यादातर एक हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन गंभीर केसों में चिकित्सा जरूरी।
चार प्रकार के वायरस में ए और बी मौसमी फ्लू के जिम्मेदार हैं। एच3एन2 खतरनाक है और भारत जैसे देशों में भी मानसून-शीतकाल में लहरें लाता है। फ्लू पुरानी बीमारियों को बिगाड़ सकता है, निमोनिया जैसी जटिलताएं पैदा कर सकता है। जोखिम वाले लोग तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
