
कीव से बड़ी खबर आ रही है। यूक्रेन और अमेरिका की प्रतिनिधि टीमें शनिवार को मियामी में फिर से महत्वपूर्ण वार्ता के लिए आमने-सामने होंगी। अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ओक्साना मार्कारोवा ने इसकी पुष्टि की है।
मार्कारोवा के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, दोनों पक्ष सुरक्षा गारंटी और यूक्रेन की आर्थिक पुनरुद्धार योजनाओं पर अंतिम सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। इन समझौतों पर अगले सप्ताह दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान हस्ताक्षर होने की संभावना है।
यूक्रेन की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तेम उमेरोव, राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख किरिलो बुदानोव और संसद में सत्ताधारी दल ‘सर्वेंट ऑफ द पीपल’ के नेता डेविड अराखामिया शामिल होंगे। यह पिछली वार्ता के बाद महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश को स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की सख्त जरूरत है। उन्होंने बताया कि जल्द ही सुरक्षा पैकेज और पुनर्निर्माण सहायता पर चर्चा होगी, जो दावोस में फाइनल हो सकती है।
ज़ेलेंस्की ने हवाई रक्षा के लिए मिसाइलों की निरंतर आपूर्ति की मांग की। उन्होंने खुलासा किया कि शुक्रवार सुबह तक कई सिस्टम बिना मिसाइलों के थे, लेकिन नई खेप मिल गई।
इधर, रूस ने अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत किया। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि वाशिंगटन के राजनीतिक कदम रूस के हितों से मेल खाते हैं। शांति के लिए सभी पक्षों को एकजुट होना पड़ेगा।
पेस्कोव ने सुरक्षा संवाद पर जोर दिया और अमेरिका के साथ चल रही बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप के साथ फिलहाल कोई चर्चा नहीं है। मियामी वार्ता से संघर्ष समाधान की नई उम्मीदें जगी हैं।
