
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की पूरी तरह धज्जियां उड़ गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ट्रिनमूल कांग्रेस के इशारे पर गुंडागर्दी कर स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) परियोजना को बंद कराने की साजिश रची जा रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘ममता बनर्जी सरकार SIR को सफल होते देखना नहीं चाहती, क्योंकि इससे उनका भ्रष्ट साम्राज्य खतरे में पड़ जाएगा।’ कई जिलों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पथराव, आगजनी और पुलिस पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं।
SIR परियोजना से हजारों नौकरियां और अरबों का निवेश आने की उम्मीद थी। लेकिन कथित तृणमूल समर्थकों द्वारा उकसाई गई हिंसा ने काम ठप कर दिया है। विपक्षी दल केंद्र से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। राज्यपाल की रिपोर्ट में भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।
स्थानीय लोग परेशान हैं। एक किसान ने कहा, ‘हमें रोजगार चाहिए, हिंसा नहीं।’ आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि SIR बंगाल की युवा बेरोजगारी को कम कर सकता है।
तृणमूल ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है, लेकिन सबूतों के सामने उनकी सफाई कमजोर पड़ रही है। उपचुनाव नजदीक हैं और हिंसा का ग्राफ बढ़ रहा है। बंगाल का भविष्य दांव पर लटक रहा है—क्या विकास पर राजनीति भारी पड़ेगी?
