
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप के कारण 23 जनवरी को होने वाली जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) की परीक्षा टल गई। यह तारीख नेटाजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से टकरा रही थी, जो राज्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ममता ने एक सार्वजनिक सभा में कहा, ‘मैंने छात्रों की सुविधा और नेटाजी की स्मृति का सम्मान सुनिश्चित किया।’ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को राज्य सरकार के दबाव में योजना बदलनी पड़ी।
इस फैसले से लाखों छात्रों को राहत मिली, खासकर बंगाल के इंजीनियरिंग प्रवेश की तैयारी कर रहे युवाओं को। परीक्षा केंद्रों पर यात्रा और उत्सवों की भिड़ंत से बचा गया।
विपक्ष ने इसे राजनीतिक चाल बताया, लेकिन समर्थक इसे छात्र हित की जीत मान रहे हैं। नई तारीखों का ऐलान बाकी है, जिसका छात्र बेसब्री से इंतजार कर रहे।
नेटाजी जयंती की तैयारियां जोरों पर हैं। यह घटना केंद्र-राज्य समन्वय की जरूरत पर जोर देती है। ममता का कद छात्र नेता के रूप में मजबूत हुआ है।
