
नई दिल्ली में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला ने भारत-उरुग्वे संबंधों को मजबूत करने का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने मोंटेवीडियो में भारत द्वारा दूतावास खोले जाने की योजना का जोरदार स्वागत किया, जो इस साल के अंत तक खुल सकता है।
एक साक्षात्कार में राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बहुत प्रभावशाली नेता’ करार दिया। उन्होंने ग्लोबल साउथ के मुद्दों को वैश्विक मंच पर उठाने के लिए मोदी की सराहना की। 1960 से चले आ रहे राजनयिक संबंध अब 75 वर्ष पूरे कर चुके हैं और नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हैं।
राजदूत ने कहा कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उरुग्वे दौरे की उम्मीद है। वर्तमान में अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में भारत का दूतावास उरुग्वे की भी सेवा कर रहा है। उरुग्वे के पास नई दिल्ली में पूर्ण दूतावास और मुंबई में मानद वाणिज्य दूतावास है।
भारतीय यात्रियों के लिए वीजा प्रक्रिया सरल बनाने पर विचार चल रहा है, जो मार्च में दिल्ली में होने वाली राजनीतिक वार्ता में चर्चा का विषय बनेगा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के प्रयास का उरुग्वे समर्थन करता है, लेकिन वीटो शक्ति के विस्तार के खिलाफ है।
ये कदम दोनों देशों के बीच व्यापार, कृषि, फार्मा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उरुग्वे और भारत वैश्विक पटल पर एकजुट होकर विकासशील देशों की आवाज बुलंद कर रहे हैं।
