
पटना। बिहार की राजनीति में चूड़ा-दही भोज का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान द्वारा आयोजित भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे। चेतन आनंद की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया।
यह भोज बिहारी संस्कृति का प्रतीक है, जो अब राजनीतिक एकजुटता का माध्यम बन गया है। चिराग ने एनडीए गठबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया। नीतीश कुमार ने चूड़ा-दही का लुत्फ उठाते हुए विकास और चुनावी रणनीतियों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान माहौल काफी हल्का-फुल्का रहा। नेताओं ने ग्रामीण विकास, बाढ़ प्रबंधन और युवा रोजगार जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। चिराग पासवान ने कहा कि ऐसी मुलाकातें गठबंधन को अटूट बनाती हैं।
विपक्षी दलों ने इसे फोटो सेशन करार दिया, लेकिन समर्थकों ने इसे सच्ची एकता का प्रतीक माना। बिहार विधानसभा चुनावों से पहले यह भोज गठबंधन की ताकत दिखाने का प्रयास है।
चेतन आनंद ने भी विकास योजनाओं पर बल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि चूड़ा-दही जैसे आयोजन जनता से सीधा जुड़ाव बनाते हैं। यह सियासी भोज बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
कार्यक्रम का समापन गठबंधन की मजबूती का संकल्प लेकर हुआ। बिहार में सियासी चूड़ा-दही भोज का यह अध्याय जारी रहेगा।
