
वाशिंगटन में एक नया विवादास्पद विधेयक सामने आया है। रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ नामक बिल संसद में पेश कर दिया है। इसका मकसद ट्रंप प्रशासन को ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने और आगे चलकर इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का कानूनी आधार देना है।
सोशल मीडिया एक्स पर फाइन ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह बिल राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड को अमेरिकी संघ में शामिल करने का रास्ता सुझाने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि आर्कटिक क्षेत्र में चीन और रूस की बढ़ती सक्रियता अमेरिका के लिए खतरा है।
फाइन के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा अमेरिका की वैश्विक श्रेष्ठता बहाल करने के लिए जरूरी है। यह बिल उस दृष्टिकोण को अमल में लाने का माध्यम बनेगा, जो अगले सौ वर्षों के लिए रणनीतिक लाभ सुनिश्चित करेगा।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका और यूरोप की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। अगर अमेरिका ने कदम नहीं उठाया तो चीन या रूस का प्रभाव बढ़ सकता है, जो सभी के हित में नहीं होगा।
ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त इलाका है, लेकिन जलवायु परिवर्तन से खुले हो रहे समुद्री मार्ग और खनिज संसाधनों ने इसे वैश्विक शक्तियों का केंद्र बना दिया है। अमेरिका की वहां सैन्य उपस्थिति है, मगर प्रतिद्वंद्वी भी पीछे नहीं हट रहे।
यह विधेयक बातचीत या अन्य कदमों के जरिए ग्रीनलैंड हासिल करने का अधिकार देता है। हालांकि समयसीमा तय नहीं, लेकिन यह राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता है। इस कदम से आर्कटिक में अमेरिकी प्रभुत्व मजबूत होगा।
