
दिल्ली की जहरीली हवा से त्रस्त लोगों के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘महा-संकल्प’ नामक इस पहल के तहत राजधानी में 3330 नई इलेक्ट्रिक बसें उतारी जाएंगी। यह कदम दिल्ली के प्रदूषण के खिलाफ जंग को नई ताकत देगा।
सर्दियों में दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है, जिससे हजारों लोग बीमार पड़ते हैं। डीजल बसों से निकलने वाला धुआं प्रमुख कारण है। इलेक्ट्रिक बसें इसे पूरी तरह खत्म कर देंगी।
सेक्रेटेरिएट में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने कहा, ‘दिल्लीवासियों को साफ हवा का हक है। ये बसें हमारा वादा हैं।’ पहले चरण में 1000 बसें 2025 तक सड़कों पर होंगी।
प्रोजेक्ट की लागत राज्य बजट, केंद्र अनुदान और ग्रीन बॉन्ड से पूरी होगी। चार्जिंग स्टेशन भी तेजी से बनेंगे। पर्यावरणविद् इसे सराहनीय बता रहे हैं, हालांकि ग्रिड क्षमता चुनौती है।
यात्रियों को भी खुशी है। यह कदम न केवल प्रदूषण रोकेगा, बल्कि यातायात को सुगम भी बनाएगा। दिल्ली अब ग्रीन मोबिलिटी का मॉडल बनेगी।
