
तिरुवनंतपुरम: सबरीमाला मंदिर से सोने के आभूषणों की चोरी के मामले ने केरल की राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा ने राज्य सरकार और विपक्षी कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे साजिशपूर्ण चोरी करार दिया। भाजपा राज्य अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और कांग्रेस के गठजोड़ की सांठगांठ का नतीजा है।
सबरीमाला भगवान अयप्पा का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, जहां हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के गर्भगृह से करोड़ों रुपये के सोने के गहने गायब होने की खबर ने भक्तों में आक्रोश पैदा कर दिया। सुरेंद्रन ने मांग की कि मामला सीबीआई को सौंपा जाए, क्योंकि राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
मंदिर प्रबंधन ने इन्वेंटरी चेक के दौरान चोरी का पता लगाया। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई हैं। सुरेंद्रन ने एलडीएफ सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया और कांग्रेस को चुप्पी साधने के लिए फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है, लेकिन भाजपा इसे आंखें बंद करने वाला कदम बता रही है। सीपीआई(एम) ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे चुनावी ड्रामा कहा। कांग्रेस ने भी भाजपा पर सांप्रदायिकता फैलाने का इल्जाम लगाया।
मंदिर आधार शिविर पर भक्तों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए यह विवाद और तेज हो सकता है। भाजपा इसे हिंदू वोट एकजुट करने का मौका मान रही है। जांच में पारदर्शिता और दोषियों को सजा की मांग तेज हो गई है। केरल की सियासत में यह स्वर्ण चोरी का मामला लंबे समय तक चर्चा में रहेगा।
