
बेंगलुरु के एक नामी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली 22 वर्षीय छात्रा प्रिया शर्मा ने की आत्महत्या कर ली। छात्रा के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर लगातार मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना पूरे शहर में सनसनी फैला रही है।
परिजनों के अनुसार, प्रिया अपने हॉस्टल रूम में रात करीब 11 बजे जहर खाकर बेहोश हो गई थी। सहेलियों ने हंगामा मचाया तो एम्बुलेंस बुलाई गई, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रिया एक मेधावी छात्रा थी और परिवार पर आशा का केंद्र बनी हुई थी।
परिवार वालों ने बताया कि प्रिया ने कॉलेज में आंतरिक परीक्षाओं में निष्पक्षता की कमी को लेकर आपत्ति जताई थी। इसके बाद प्रोफेसरों ने उसे बदला लेने के लिए लगातार परेशान करना शुरू कर दिया। क्लास में बेइज्जती, परीक्षा से रोकना और निष्कासन की धमकी जैसी घटनाएं आम हो गईं। ‘वह टूट चुकी थी, रात-रात भर रोती रहती,’ मां ने बताया।
कॉलेज प्रबंधन ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया। डीन ने कहा, ‘प्रिया की उपस्थिति और अनुशासन में कमी थी। हमने कई बार काउंसलिंग की पेशकश की, लेकिन उसने ठुकरा दिया।’ प्रबंधन ने व्यक्तिगत कारणों की जांच की मांग की।
यह मामला मेडिकल शिक्षा में बढ़ते मानसिक दबाव को उजागर करता है। कर्नाटक में हाल के वर्षों में कई छात्रों ने इसी तरह आत्महत्या की है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। कॉलेज सील कर जांच शुरू हो गई।
परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। छात्र संगठन भी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रिया की मौत से सबक लेते हुए मेडिकल संस्थानों में ग्रिवांस सेल और काउंसलिंग की जरूरत है। जांच में जल्द खुलासे की उम्मीद है।
