
क्वेटा। बलूचिस्तान में आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर एक युवक को जबरन गायब करने का गंभीर आरोप लगाया है। केच जिले के मंड कोह क्षेत्र में उमर बलूच को गुरुवार रात उनके घर से अगवा कर लिया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पाक सेना के जवान बिना वारंट के घर में घुसे और उमर को बिना किसी जानकारी के ले गए। पांक ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और उमर के ठिकाने का तत्काल खुलासा, उनकी बिना शर्त रिहाई तथा अदालत में पेशी की मांग की है।
संगठन ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से अपील की है कि इस मामले में हस्तक्षेप करें और दोषी अधिकारियों को सजा दिलाएं। इससे पहले बलूच वॉयस फॉर जस्टिस ने भी प्रांत में बढ़ती गायब करने की घटनाओं पर चिंता जताई थी। उन्होंने इसे बलूच समुदाय को दबाने की सुनियोजित साजिश बताया।
पांच हालिया मामलों का हवाला देते हुए बीवीजे ने पाक सेना को जिम्मेदार ठहराया। संगठन ने वैश्विक समुदाय और पाकिस्तानी अदालतों से सभी लापता लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके अलावा पांक ने अवारन जिले के जरीफ बलूच की हत्या की भी निंदा की। जरीफ का गोली मारकर शव 6 जनवरी को नोंडारा इलाके में मिला। वे 29 सितंबर 2025 से लापता थे। पांक ने इसे कस्टोडियल किलिंग का मामला बताते हुए पाक सुरक्षा बलों को दोषी ठहराया।
बलूचिस्तान में ऐसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं। मानवाधिकार संगठन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
