
मिर्गी से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने थेराप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग (टीडीएम) जांच को मुफ्त शुरू कर दिया है। यह जांच एंटी-एपिलेप्टिक दवाओं के खून में सही स्तर की जांच करती है, जिससे डॉक्टर सटीक डोज दे सकें।
भारत में करीब 1 करोड़ लोग मिर्गी से पीड़ित हैं। अधिकांश को दवा की अनुचित मात्रा के कारण दौरा पड़ता रहता है। टीडीएम से यह समस्या हल हो जाएगी। एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग प्रमुख ने कहा, ‘यह जांच मरीजों की जिंदगी बदल देगी।’
नई दिल्ली स्थित एम्स के ओपीडी में अब यह सुविधा उपलब्ध है। बस न्यूरोलॉजिस्ट का प्रिस्क्रिप्शन लाएं, जांच करवाएं। पहले हफ्ते में 200 से ज्यादा मरीजों ने लाभ उठाया।
राष्ट्रीय मिर्गी नियंत्रण कार्यक्रम का हिस्सा यह कदम अन्य एम्स शाखाओं में भी फैलेगा। मरीजों का कहना है, ‘दौरे अब काबू में हैं।’
सरकार की यह पहल गरीब मरीजों के लिए वरदान है, जहां प्राइवेट लैब में यह जांच हजारों में होती है। एम्स ने एक बार फिर साबित किया कि अच्छा इलाज सबका हक है।
