
जेएनयू कैंपस में हाल ही में हुई नारेबाजी की घटना पर बीजेपी नेता आशीष सूद ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजनीति में हिंसक कृत्यों या नारेबाजी जैसी घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। आशीष सूद ने जेएनयू प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी गतिविधियां छात्रों के भविष्य को खतरे में डालती हैं। सूद ने कहा, ‘राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए, न कि हिंसा और अराजकता पर।’ जेएनयू में नारेबाजी की यह घटना देशव्यापी बहस का विषय बनी हुई है। कई संगठनों ने इसकी निंदा की है, जबकि कुछ छात्र संगठन इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं। आशीष सूद ने छात्रों से अपील की कि वे पढ़ाई पर ध्यान दें और राजनीतिक विवादों से दूर रहें। राजनीति में हिंसा के खिलाफ उनकी यह आवाज़ सराहनीय है। जेएनयू विवाद ने एक बार फिर शिक्षा और राजनीति के मिश्रण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कैंपसों में शांति बनाए रखना आवश्यक है। आशीष सूद के बयान से बीजेपी समर्थक उत्साहित हैं।
