Badaun का वह डांसर मर्डर केस अब पूरे उत्तर प्रदेश में सुर्खियां बटोर रहा है, जहां एक मासूम बच्चा अपनी मां की लाश की पहचान का एकमात्र वारिस बनकर रह गया है। 28 साल की डांसर मुस्कान का शव जब 40 दिन बाद जमीन से निकाला गया, तो वह पूरी तरह से गल चुका था। अब पुलिस ने मुस्कान के 4 साल के बेटे शोहेब का डीएनए टेस्ट कराने का फैसला किया है, ताकि शव की सही पहचान की जा सके।
गला घोंटकर की गई थी हत्या, पोस्टमॉर्टम में खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इस मामले में और भी डरावने तथ्य सामने लाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्कान की मौत गला दबाने से हुई थी। इसके अलावा, उसके बाएं पैर की हड्डी कटी हुई मिली, जिससे पता चलता है कि हत्यारों ने उसे मारने से पहले किसी तेज धार वाले हथियार से वार किया होगा। यह केस न सिर्फ बर्बरता की हद पार करता है, बल्कि सवाल खड़े करता है कि आखिर क्यों एक मां को उसके मासूम बच्चे के सामने इस तरह की सजा दी गई?
पति ने 70-70 हजार में किराए के कातिलों से करवाई थी हत्या
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव गालम पट्टी की रहने वाली मुस्कान की हत्या 19 फरवरी की रात उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लापुर भोगी में हुई थी। पुलिस जांच में पता चला कि मुस्कान के पति रिजवान ने नरऊ गांव के राधेश्याम उर्फ हलवाई और रामऔतार उर्फ विनेगा को 70-70 हजार रुपये देकर इस हत्या को अंजाम दिया था।
रिजवान ने पुलिस को बताया कि उसकी पहली पत्नी जैनेब गांव की प्रधान है, जबकि उसने मुस्कान से चुपके से निकाह कर लिया था। मुस्कान से उसका 4 साल का बेटा शोहेब भी है, जो अब अनाथ हो चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ गिरफ्तारी ही न्याय है?
40 दिन तक जमीन में दबा रहा शव, अब डीएनए टेस्ट होगा निर्णायक
पुलिस अब विधिक प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मुस्कान के शव की पुष्टि करने के लिए उसके बेटे शोहेब का डीएनए टेस्ट कराएगी। शव के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इस टेस्ट के बाद मुस्कान को सच्चा न्याय मिल पाएगा?
क्या पति ने दूसरी शादी छुपाने के लिए करवाई थी हत्या?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या रिजवान ने अपनी दूसरी शादी को छुपाने के लिए मुस्कान की हत्या करवाई थी? क्या उसे डर था कि अगर उसकी पहली पत्नी को इस रिश्ते के बारे में पता चला, तो उसकी राजनीतिक पहचान खतरे में पड़ जाएगी? या फिर यह सिर्फ एक ठंडे दिमाग से की गई साजिश थी?
अब क्या होगा मासूम शोहेब का?
इस पूरे मामले में सबसे दुखद पहलू यह है कि 4 साल का शोहेब अब अनाथ हो चुका है। उसकी मां को उसके सामने ही क्रूरता से मार दिया गया, और अब वही बच्चा अपनी मां के शव की पहचान का एकमात्र सबूत बनकर रह गया है। सवाल यह है कि क्या समाज और सरकार इस मासूम के भविष्य की जिम्मेदारी लेगी?
पुलिस की जांच जारी, क्या और नाम सामने आएंगे?
पुलिस अभी भी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। क्या इस हत्याकांड में और लोग शामिल हैं? क्या रिजवान ने किसी और की मदद ली थी? ये सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
क्या मिलेगा मुस्कान को न्याय?
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और न्याय प्रणाली की कमियों को उजागर करता है। अगर पुलिस और कोर्ट ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई नहीं की, तो यह एक और केस बनकर रह जाएगा जहां पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाएगा।