झारखंड में कोविड वैक्सीन की किल्लत, 27 दिसंबर को मॉक ड्रिल के दौरान जल्द टीका मिलने का दिया था भरोसा - Lok Shakti.in

Lok Shakti.in

Nationalism Always Empower People

झारखंड में कोविड वैक्सीन की किल्लत, 27 दिसंबर को मॉक ड्रिल के दौरान जल्द टीका मिलने का दिया था भरोसा

भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा,जबरन किसी को टीका नहीं लगा सकते

Ranchi : कोविड के बढ़ते खतरे की आशंका के बीच एडवाइजरी जारी की गई है. 27 दिसंबर को मॉक ड्रील के दौरान जल्द टीका मिलने का भरोसा दिलाया गया था. केंद्र सरकार ने हर तरह से राज्यों को तैयार रहने और वैक्सीनेशन का कवरेज बढ़ाने पर जोर देने का निर्देश दिया है. लेकिन झारखंड में फिलहाल वैक्सीनेशन का ग्राफ नहीं बढ़ रहा है. क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा राज्य को वैक्सीन की खेप नहीं भेजी जा रही है. नतीजा है कि झारखंड में कोविशिल्ड लोगों को सबसे ज्यादा लगी, जिसका फस्ट और सेकेंड डोज करीब 70% आबादी को पड़ा. लेकिन जब थर्ड डोज लगाने की बारी आई, तो टीके ही आउट ऑफ स्टॉक हो गए. झारखंड के सभी जिले में कोविशील्ड की डोज पिछले दो माह से खत्म है. इसका नतीजा है कि पिछले दो महीने में झारखंड में वैक्सीनेशन का ग्राफ 1% भी नहीं बढ़ा है.

18 साल के आयुवर्ग को शत प्रतिशत नहीं लगा सेकेंड डोज

रांची में 18 साल के आयुवर्ग की आबादी 18.34 लाख के करीब है. ऐसे में इस आबादी का अब तक सेकेंड डोज भी शत प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है. जिले में दूसरे डोज का कवरेज अब तक 77% है. प्रिकॉशन डोज की बात करें तो 8 महीने में मात्र 1.14 लाख यानी 6.25% आबादी को ही लगाया जा सका है. ऐसे में यदि जिले को समय से कोविशील्ड के टीके उपलब्ध कराए जाते तो सेकेंड डोज का कवरेज 90% के करीब और बूस्टर डोज भी 20 से 25% आबादी को लगाई जा सकती थी.

 60 साल से अधिक के आयुवर्ग के लोगों को बूस्टर डोज का इंतजार

कोविशील्ड की कमी के कारण 60 साल से अधिक आयुवर्ग के भी करीब डेढ़ लाख आबादी को बूस्टर डोज नहीं लग सका है. इस आयुवर्ग के 2.05 लाख लोगों ने कोविशील्ड के टीके लिए थे, 1.91 लाख लोग सेकेंड डोज ले चुके हैं. यानी ये तीसरे डोज लेने के योग्य हैं. जबकि कवरेज मात्र 15% यानी 44352 लोगों तक ही सीमित है.

डेढ़ माह से कोर्बीवैक्स भी स्टॉक में नहीं, असर- 28% बच्चे ही हो सके हैं वैक्सीनेट 

12 से 14 आयुवर्ग वालों की आबादी रांची में 140818 है. इतने बच्चों को कोर्बीवैक्स का टीका लगना है. जबकि पिछले डेढ़ माह से इसका भी स्टॉक खत्म हो चुका है. इसका असर यह है कि जिले में अब तक पहला डोज का कवरेज भी शत प्रतिशत नहीं हुआ है.

लगातार को पढ़ने और बेहतर अनुभव के लिए डाउनलोड करें एंड्रॉयड ऐप। ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे

27 दिसंबर को अपर मुख्य सचिव ने कहा था- एक सप्ताह में डोज आ जाएगा

इधर, झारखंड में कोविशील्ड और कोर्बीवैक्स के शॉर्टेज के सवाल पर अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह ने 27 दिसंबर को सदर अस्पताल में मॉक ड्रिक के दौरान कहा था कि केंद्र को डोज उपलब्ध कराने के लिए लिखा गया है. संभावना जताते हुए कहा था कि एक सप्ताह के भीतर डोज मिल जाएंगे. लेकिन 11 दिन के बाद भी स्थिति वहीं है.

टीका केंद्र की संख्या में आयी कमी

वहीं वैक्सीन की किल्लत के कारण 7 जनवरी को वैक्सीनेशन सेंटर को भी कम कर दिया गया. रांची के शहरी क्षेत्र में 30 केंद्र और ग्रामीण क्षेत्र में मात्र पांच केंद्र हैं, जहां लोगों को कोवैक्सीन किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें – कोकर रौणियार वैश्य समिति का वार्षिक सम्मेलन 8 को

आप डेली हंट ऐप के जरिए भी हमारी खबरें पढ़ सकते हैं। इसके लिए डेलीहंट एप पर जाएं और lagatar.in को फॉलो करें। डेलीहंट ऐप पे हमें फॉलो करने के लिए क्लिक करें।