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इस साल पूरा होगा राम मंदिर.. रामलला की प्राण प्रतिष्‍ठा से पहले हों सारे काम, जानिए कहां तक पहुंचा निर्माण

इस साल पूरा होगा राम मंदिर.. रामलला की प्राण प्रतिष्‍ठा से पहले हों सारे काम, जानिए कहां तक पहुंचा निर्माण

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य अब और तेज किया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय राय के मुताबिक ग्राउंड फ्लोर का निर्माण जिस गति से चल रहा है उसके मुताबिक अक्टूबर-नवंबर 2023 तक इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। इस समय पूरे ग्राउंड फ्लोर की फर्श के ऊपर पिलर खड़ा करने का काम चल रहा है। 160 पिलर खड़े करने के बाद उसके उपर बीम पड़ेगी और छत का निर्माण शुरू होगा। अभी तक करीब 12 फुट ऊंचे तक पिलर खड़े हो चुके हैं।

जब सारे पिलर की ऊंचाई 19 फुट तक पहुंच जाएगी तो बीम रखने का काम शुरू होगा। अब मंदिर के चारों तरफ परकोटा व तीर्थ यात्रियों के सुविधा केंद्र की नींव खोदने के साथ निर्माण शुरू हो गया है। पावर सप्लाई व पावर स्टेशन पर भी काम शुरू होना है। परकोटा पर 14 फुट चौड़ा बलुआ पत्थर का 800 मी लंबा परिक्रमा मार्ग का निर्माण भी इसी के साथ होगा।

इसके अलावा इसी परकोटा क्षेत्र में ही भगवान सूर्य देव, मां भगवती, भगवान शंकर गणपति माता अन्नपूर्णा व हनुमान जी के मंदिर बनने हैं।अब राम लला की जिस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होनी है उसके जल्द निर्माण को लेकर भी एक्शन शुरू हैं। ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्र का कहना है कि कार्यदाई संस्थाओं ने शेष काम को अक्टूबर तक पूरा करने का आश्वासन दिया है। मंदिर की फर्श संगमरमर की बनेगी। बताया गया कि सारा काम बड़ी मशीनों से किया जा रहा है।

राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक गुरूवार को मंदिर परिसर में स्‍थित एल एंड टी कार्यालय में हुई। मीटिंग की अध्‍यक्षता समिति के अध्‍यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने की है। बैठक में मंदिर के ग्राउंड फ्लोर के निर्माण के साथ ही यात्रियों की सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। साथ ही इसकी भी समीक्षा की गई कि राम लला की प्राण प्रतिष्‍ठा भव्‍य राम मंदिर के गर्भगृह मे करवाने के लिए निर्माण की प्रगति कैसी है।

मंदिर ट्रस्‍ट के सदस्‍य डॉ अनिल मिश्र के मुताबिक मंदिर के परकोटा व यात्री सुविधा केंद्र के भवन की नींव की भराई का काम फरवरी में शुरू हो जाएगा। निर्माण समिति की बैठक में तकनीकी कर्मचारियों ने मंदिर के निर्माण के बाबत जानकारी दी। बताया गया कि 45 पिलर की उंचाई 12 फ़ुट उंची पहुंच चुकी है। सभी 161 पिलर खड़े हो रहे हैं। जिनको 19 फुट उंचाई तक ले जाना है। पिलर में देवी देवताओ की कैसी प्रतिमाएं बने इसको लेकर वास्‍तुविदों से चर्चा की गई।

समिति के अध्‍यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने की मीटिंग

उन्‍होंने बताया कि कार्य की प्रगति तय समय के मुताबिक हो रही है। नवंबर के पहले तक ही ग्राउंड फ्लोर का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। ऐसी जानकारी तकनीकी टीम ने दी है। उन्‍होंने बताया कि मंदिर के फर्श भी संगमरमर की नक्‍काशीदार डिजाइन की चटाई नुमा बनेगी। इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई है। प्रयास है कि रामलला के गर्भगृह मे प्राण प्रतिष्‍ठा के कार्यक्रम लायक सभी आवश्‍यक निर्माणकार्य समय पूरे कर लिए जाएं। बाकी मंदिर का निर्माण कार्य चलता रहेगा।किसी भी सदस्‍य को नहीं मिलेगा मानदेय या पारिश्रमिक
श्री राम जन्‍म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्‍ट की नियमावली पर ट्रस्‍ट की बैठक मे सदस्‍यो़ं की मुहर लग गई। जिसमें प्रमुख बिंदु यह रखा गया है कि सभी सदस्‍य राम मंदिर के लिए सेवा व समर्पण की भावना से काम करेंगे किसी भी सदस्‍य को किसी तरह का पारिश्रमिक अथवा मानदेय देय नहीं होगा। अब ट्रस्‍ट की कार्यशैली को और व्‍यापक बनाने की गुंजाइश रहेगी और समितियों व उप समितियों का गठन कर काम का बंटवारा भी किया जा सकेगा।

अभी केवल मंदिर निर्माण समिति का ही गठन हुआ है जो राम मंदिर के निर्माण की जिम्‍मेदारी संभाल रही है। इस समिति के अध्‍यक्ष नृपेंद्र मिश्र है जिसमें कार्यदाई संस्‍थाओं के तकनीकी विशेषज्ञ व ट्रस्‍ट के महा सचिव व उनके सहयोगी सदस्‍य हिस्‍सा लेते हैं।

मंदिर ट्रस्‍ट के सदस्‍य कामेंश्‍वर चौपाल ने बताया कि मंदिर के निर्माण के साथ अन्‍य व्‍यवस्‍था को लेकर जैसे जैसे जरूरत महसूस होगी। नई समितियो व उप समितियों का गठन ट्रस्‍ट के अनुमोदन पर कर लिया जाएगा। इसका प्रस्‍ताव ट्रस्‍ट के महासचिव ट्रस्‍ट की बैठक में पेश करेगें। उन्‍होंने बताया कि कार्य विशेष के लिए अगल अलग समितियों का गठन कर उनकी जिम्‍मेदारी भी तय कर दी जाएगी।