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बीएचयू के रूईया मैदान पर लगा देश का पहला मोबाइल ट्री,

आईएमएस बीएचयू के रूईया मैदान पर लगा देश का पहला मोबाइल ट्री

इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईएमएस) बीएचयू  में बुधवार को देश का पहला मोबाइल ट्री लगाया गया। इस ट्री में अलग-अलग बॉक्स बनाए गए हैं। इसमें मोबाइल रखकर आराम से खेला-कूदा जा सकता है। इसका मकसद कुछ देर के लिए डॉक्टर व छात्रों को मोबाइल से दूर करना है। खेल मैदान में लगे इस ट्री का इस्तेमाल करने के लिए अपना ताला-चाबी लेकर जाना होगा।

आईएमएस बीएचयू के छात्र सलाहकार और जिमखाना के चेयरमैन प्रो. विजयनाथ मिश्र ने मोबाइल ट्री लगवाने की पहल की है। इसका उद्घाटन बुधवार को बीएचयू कुलगुरु प्रो. वीके शुक्ल ने किया और प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ ही आमजन की सेहत सुधार की दिशा में बहुत अच्छा कदम उठाया गया है। इससे मोबाइल एडिक्शन से दूर रहकर लोग प्रकृति से जुड़ सकेंगे।

आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर एसके सिंह ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्सा के छात्र तनावग्रस्त होते जा रहे हैं। ऐसे में मानसिक स्वस्थता ही एक मात्र उपाय है। खेलकूद सबसे फायदेमंद है। इस दिशा में मोबाइल ट्री बनाने की पहल सराहनीय है। उन्होंने रूईया ग्राउंड पर बेहतर संसाधन मुहैया कराने का भरोसा दिलाया।  अतिथियों का स्वागत सचिव प्रोफेसर राजेश मीणा ने किया।

जिमखाना के चेयरमैन प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि मोबाइल का रेडिएशन कई गंभीर बीमारियों की जड़ है। इससे जितना दूर रहा जाए, वह सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद होता है। बदलती जीवनशैली में मोबाइल से लोग एक पल भी नहीं दूर होना चाहते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए ही यह पहल की गई। मोबाइल हमेशा पास रखने से उससे जो रेडिएशन निकलता है, उससे ब्रेन कैंसर से लेकर डिप्रेशन, मानसिक रोग सहित कई बीमारियां होने का खतरा रहता है।

आईएमएस बीएचयू के रूईया हॉस्टल के खेल मैदान में एक किनारे मोबाइल ट्री लगवाया गया। पेड़ के आकार में दिखने वाला मोबाइल ट्री आकर्षक है। इसे लोहे की मदद से बनाया गया है। हालांकि, रंगों के जरिये ट्री को हरा बनाने का प्रयास किया गया है। मोबाइल ट्री में कुल 24 बॉक्स लगाए गए हैं। इनमें विद्यार्थी अपने मोबाइल फोन को रख सकते हैं।

प्रो. विजयनाथ मिश्र के अनुसार, हर खाने में चार-चार मोबाइल रखने की सुविधा है। मतलब एक साथ 96 मोबाइल इस बॉक्स में रखे जा सकते हैं। संबंधित विद्यार्थी इसमें मोबाइल रखकर अपना ताला भी बंद कर सकते हैं। एक मोबाइल ट्री बनाने में करीब साढ़े आठ हजार रुपये खर्च हुए हैं। आने वाले दिनों में चार और मोबाइल ट्री बनाए जाएंगे।

इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईएमएस) बीएचयू  में बुधवार को देश का पहला मोबाइल ट्री लगाया गया। इस ट्री में अलग-अलग बॉक्स बनाए गए हैं। इसमें मोबाइल रखकर आराम से खेला-कूदा जा सकता है। इसका मकसद कुछ देर के लिए डॉक्टर व छात्रों को मोबाइल से दूर करना है। खेल मैदान में लगे इस ट्री का इस्तेमाल करने के लिए अपना ताला-चाबी लेकर जाना होगा।

आईएमएस बीएचयू के छात्र सलाहकार और जिमखाना के चेयरमैन प्रो. विजयनाथ मिश्र ने मोबाइल ट्री लगवाने की पहल की है। इसका उद्घाटन बुधवार को बीएचयू कुलगुरु प्रो. वीके शुक्ल ने किया और प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ ही आमजन की सेहत सुधार की दिशा में बहुत अच्छा कदम उठाया गया है। इससे मोबाइल एडिक्शन से दूर रहकर लोग प्रकृति से जुड़ सकेंगे।

मानसिक स्वस्थता के खेलकूद सबसे फायदेमंद

आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर एसके सिंह ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्सा के छात्र तनावग्रस्त होते जा रहे हैं। ऐसे में मानसिक स्वस्थता ही एक मात्र उपाय है। खेलकूद सबसे फायदेमंद है। इस दिशा में मोबाइल ट्री बनाने की पहल सराहनीय है। उन्होंने रूईया ग्राउंड पर बेहतर संसाधन मुहैया कराने का भरोसा दिलाया।  अतिथियों का स्वागत सचिव प्रोफेसर राजेश मीणा ने किया।