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Baghpat: 20 दिन बाद भी बेबी को नहीं ढूंढ पाई पुलिस, शहीद की पत्नी की तलाश के लिए अब ग्रामीणों ने दी ये चेतावनी

Baghpat: 20 दिन बाद भी बेबी को नहीं ढूंढ पाई पुलिस, शहीद की पत्नी की तलाश के लिए अब ग्रामीणों ने दी ये चेतावनी

उत्तर प्रदेश के बागपत की पुलिस यूं तो घटनाओं के खुलासे करने में सबसे आगे है, लेकिन बेबी को ढूंढने में बागपत पुलिस इन दिनों पसीना-पसीना हो रही है। बेबी का मिलना तो दूर, उसके बारे में अभी कोई सुराग तक नहीं लग सका है। 

पुलिस ने दर्जन भर स्थानों पर दबिश दी, जंगल में ड्रोन से तलाश कराई, तालाब में गोताखोरों से ढुंढवाया, डॉग स्क्वॉयड की मदद से गांव में भी खूब तलाश कराई, जंगल झाड़ियां हर जगह ढूंढा लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। बेबी आखिर गई तो गई कहां? इस सवाल की तलाश में बेबी के परिजनों के साथ-साथ एक तरफ पूरा गांव परेशान है, वहीं पुलिस के लिए बेबी को ढूंढना चुनौती बन रहा है। बिजरौल गांव में गत 30 अगस्त से लापता शहीद की पत्नी को 20 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। इसके विरोध में गांव में पंचायत हुई, जिसमें लोगों ने नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि लापता बेबी को पुलिस नहीं ढूंढ पाई तो आंदोलन किया जाएगा। आगे विस्तार से जानें आखिर कौन है बेबी और क्यों पुलिस के लिए चुनौती बन रहा है ये मामला।

 

बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के बिजरौल गांव की बेबी दरअसल शहीद जवान की पत्नी है। बेबी लापता हुए एक सप्ताह से भी अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक पुलिस उसका पता नहीं लगा पाई है। उधर, परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों से भी पूछताछ की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

शहीद धर्मेंद्र की पत्नी बेबी की तलाश में डॉग स्क्वायड को बिजरौल गांव में बुलाया गया। डॉग स्क्वायड ने घर से लेकर कई जगह तक महिला को तलाश किया। लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इससे पहले भी बेबी की ड्रोन कैमरे से तलाश की गई थी। इसके अलावा गोताखोरों से गांव के तालाब में भी तलाश कराया गया था। लेकिन बेबी का कोई पता नहीं चल सका।

 

बिजरौल के ग्रामीणों ने कोतवाली पहुंचकर हंगामा करते हुए गांव के दूसरे वर्ग के कुछ लोगों पर शहीद की पत्नी बेबी का अपहरण कर हत्या की आशंका जताई थी। इस मामले में बेबी के भाई अरविंद ने कोतवाली में दूसरे वर्ग के तीन-चार लोगों को नामजद करते हुए तहरीर भी दर्ज थी। पुलिस ने दबिश देकर आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका।

 

बेबी पति के शहीद के बाद छपरौली से अपने मायके बिजरौल में रहने लगी थी। 30 अगस्त की सुबह बेबी लापता हो गई थी। वह दूसरे वर्ग के मोहल्ले में अपने उधार के रुपये लेने गई थी, लेकिन वहां से वापस नहीं लौटी। पुलिस की जानकारी में पूरा मामला है। शक के दायरे में आए लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है, लेकिन बेबी अभी तक बरामद नहीं हुई है।

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