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वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अरूण कुमार सक्सेना ने ‘‘हैजार्डस् वेस्ट मैनेजमेन्ट’’ एवं ‘‘इन्टीग्रेेटेड मानीटरिंग पोर्टल’’ का किया लोकार्पण

प्रदेश के वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) श्री अरूण कुमार सक्सेना ने आज विभूतिखण्ड गोमतीनगर स्थित उ0प्र0 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड” मुख्यालय में उ0प्र0 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विकसित कराये गये ‘‘हैजार्डस् वेस्ट मैनेजमेन्ट’’ एवं ‘‘इन्टीग्रेेटेड मानीटरिंग पोर्टल’’ का लोकार्पण किया। इस दौरान वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री के0पी0 मलिक भी उपस्थित थे। लोकार्पण के उपरान्त मंत्रियों द्वारा बोर्ड के कार्यों की समीक्षा भी की गई।
अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उ0प्र0 शासन द्वारा दोनों वेब पोर्टल एवं ऐप की उपयोगिता के संबंध में प्रकाश डालते हुये बताया कि इससे हैजार्डस् वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण का अनुश्रवण हो सकेगा एवं इन्टीग्रेेटेड मानीटरिंग पोर्टल से बोर्ड के कार्यों का क्षेत्रीय कार्यालयों से सामंजस्य स्थापित करते हुये प्रभावी अनुश्रवण हो सकेगा।
श्री अरूण कुमार सक्सेना द्वारा गंगा एवं अन्य सहायक नदियांे की जल गुणवत्ता में सुधार हेतु क्रियान्वित किये जा रहे एक्शन प्लान की समीक्षा की गई। उनके द्वारा निर्देश दिये गये कि उद्योगों से जल प्रदूषण रोकने एवं शोधित जल को पुनः चक्रित करने हेतु प्रोत्सहित किया जाये ताकि नदियों में प्रदूषण कम होने के साथ ही भू-जल दोहन में भी कमी आयेगी।
वायु प्रदूषण की दृष्टि से उत्तर प्रदेश के 17 नगरों में वायु गुणवत्ता की सुधार की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण द्वारा अवगत कराया गया कि बोर्ड एवं अन्य विभागों के सामूहिक प्रयास से किये जा रहे कार्यों से विगत दो वर्षों में 17 में से 16 शहरोें की वायु गुणता में सुधार हुई है, जिसे भारत सरकार द्वारा भी सराहा गया है। गोरखपुर में वायु गुणता में 49 प्रतिशत का सुधार हुआ है, जिसमें सडकों की एन्ड-टू-एन्ड की गई पेविंग की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
मंत्री द्वारा प्रदेश में स्थित ईंट भट्ठों को बोर्ड द्वारा दी गई अनुमति एवं बन्द कराये गये भट्ठों के संबंध में सूचना प्राप्त की गई। ऐसे 3,746 भट्ठे जिनके स्थल वैधानिक रूप से उपयुक्त पाये गये हैं को बोर्ड द्वारा विशेष अभियान चलाकर 01 माह के अन्दर सहमति प्रदान करने के निर्देश दिये गये। उनके द्वारा निवेश मित्र पर प्राप्त आवेदन पत्रों एवं आई0जी0आर0एस0 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई एवं निस्तारण की स्थिति पर संतोष व्यक्त की गई। अधिकारियों से कहा गया कि उद्योगांे को पर्यावरणीय समस्याओं के निराकरण में सहयोगी बनकर आवश्यक कार्यवाही कराये ताकि जन मानस में सकारात्मक संदेश पहुंच सके।

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