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डॉक्टर से IAS बने नितिन गौड़ करेंगे गाजियाबाद की समस्याओं का इलाज, बस से ऑफिस जाने पर आए थे चर्चा में

डॉक्टर से IAS बने नितिन गौड़ करेंगे गाजियाबाद की समस्याओं का इलाज, बस से ऑफिस जाने पर आए थे चर्चा में

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में 17 अधिकारियों के तबादले में गाजियाबाद में भी प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिली। शासन ने रविवार को नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का तबादला कर गोरखपुर कर दिया। उनके स्थान पर मथुरा के सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ को नगर आयुक्त बनाया गया है। 2016 बैच के आईएएस डॉ. नितिन गौड़ अफसर बनने से पहले एमडी डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करते थे।

प्रशासनिक सेवा में चुने जाने पर उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ था, परंतु 2018 में यूपी कैडर की सौम्या पांडेय से विवाह करने के बाद उन्हें यूपी कैडर मिल गया। नितिन गौड़ का कहना है कि वे एक डॉक्टर रह चुके हैं, इस नाते उनकी प्राथमिकता नगर आयुक्त के रूप में शहर को स्वच्छ सुंदर बनाना और बेसिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही प्रदेश की जनहित की योजनाओं का लाभ आम लोगों को देना होगा।

डॉ. नितिन गौड़ प्रदेश की आईएएस लॉबी में अपनी सादगी के कारण चर्चा में रहते हैं। वर्ष 2018 में मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में एसडीएम के पद पर नियुक्ति के दौरान उनकी पुरानी सरकारी गाड़ी कंडम हो चुकी थी और नई गाड़ी नहीं मिल पाई थी। इसके बावजूद उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी से अपने लिए नई गाड़ी की डिमांड नहीं की। करीब एक महीने तक अपने घर से ऑफिस तक रोडवेज की बस तो कभी ऑटो से जाते थे। उनका अर्दली और गनर भी उनके पास ही बैठता था। उनका फोटो मीडिया की सुर्खियां भी बना था।

दिल्ली में जन्मे नितिन गौड़ कि अधिकांश पढ़ाई दिल्ली में ही हुई। वहीं से एमबीबीएस और एमडी किया। गोंडा, मुजफ्फरनगर और मथुरा में पोस्टिंग के बाद उन्हें गाजियाबाद नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। ‘करियर चॉइस पोस्ट-एमबीबीएस: एन इनिशिएटिव टू मेंटर मेडिकोज फॉर देयर अल्टीमेट ड्रीम’ के नाम से मेडिकल के स्टूडेंट्स के लिए एक किताब भी लिखी है।

डॉ. नितिन गौड़ कहते हैं की किसी भी शहर की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम की होती है। जहां आम आदमी को बेसिक सुविधाओं के साथ-साथ स्वस्थ कैसे रहा जाए इसका कार्य होता है। उनका पूरा फोकस करेंगे सफाई व कूड़ा निस्तारण, शासन द्वारा आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने के लिए लागू की गई सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चार्ज लेने के बाद प्राथमिकताओं के आधार पर कार्य शुरू करेंगे इसके लिए निगम के बोर्ड का भी पूरा सहयोग लेने का प्रयास किया जाएगा।

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