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12000 पदों के लिए नियुक्ति अधियाचना कार्मिक को भेजी

12000 पदों के लिए नियुक्ति अधियाचना कार्मिक को भेजी

Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य के पांचों प्रमंडलों में राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला की एक-एक इकाई बनाने का काम करेगी. नामकुम स्थित राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अतिरिक्त प्रमंडलों में प्रयोगशाला बनायी जायेगी. मुख्यमंत्री बुधवार को राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला हेतु चयनित 37 सहायक निदेशक/वरीय वैज्ञानिक पदाधिकारियों व 56 वैज्ञानिक सहायकों के बीच नियुक्ति पत्र सौंप रहे थे. नियुक्ति पत्र देते हुए सीएम ने कहा कि यह केवल एक नियुक्ति पत्र नहीं है बल्कि अधिकारियों और  राज्य के लिए एक नए समूह के लिए एक नए संकल्प दिवस के रूप में देखा जाना चाहिए. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट कहा कि सरकार योजनाबद्ध तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया की दिशा में आगे बढ़ रही है.

सरकार ने 12,000 अवर स्तर के विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए कार्मिक को अधियाचना भेज दी है. बहुत जल्द 40,000 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इसी दिशा में आज राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में डीएनए, फोरेंसिक लैब, नारकोटिक्स जैसे कामों के अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है. कार्यक्रम में इस दौरान मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, डीजीपी नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव विनय चौबे, गृह सचिव राजीव अरुण एक्का सहित कई आला अधिकारी उपस्थित थे. पढ़ें – Twitter डील पर लगी बोर्ड की मुहर, CEO पराग अग्रवाल को निकाला गया तो देने होंगे 300 करोड़?

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पुलिस के साथ फॉरेंसिक जांच टीम का होना जरूरी होता है

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी अपराध की जांच के लिए पुलिस के साथ फॉरेंसिक जांच टीम का होना जरूरी होता है. पहले झारखंड में अधिकारियों की कमी थी, इस कारण सभी जांच गुजरात भेजे जाते थे. जहां जांच कार्य को प्राथमिकता नहीं मिलती थी. जिससे पुलिस की जांच प्रभावित होती थी. लेकिन अब इससे मुक्ति मिलेगी. नवनियुक्त अधिकारियों उम्मीद करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि फॉरेंसिक के लिए आये सभी जांच सही समय पर पूरे होंगे, साथ ही बैकलॉग को क्लियर करने की रणनीति पर भी वह काम करें. इसके लिए उन्होंने गृह विभाग से अनुरोध किया कि 15 दिनों के अंदर एक ओवरटाइम सिस्टम काम करने की रणनीति बनाएं, जिसमें काम करने वाले अधिकारियों को सैलरी के साथ इंटेंसिव भी मिले. ताकि वे उत्साह से काम कर पाये.

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खाली पड़े पदों को नियम के तहत जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू करें

राजीव अरुण एक्का ने कहा कि जेएसएससी (JSSC) और जेपीएससी(JPSC) ने जितनी जल्दी से इन अधिकारियों की नियुक्ति पत्र दिया है, वह अपने आप में माइल स्टोन है. उन्होंने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन ने अपने अधीन गृह विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि खाली पड़े पदों को नियम के तहत जल्द से जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू करें. उसी का परिमाण है कि आज कुल 93 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है.

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फोरेंसिक जांच के लिए हमेशा दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था

राजेश कच्छप ने कहा कि जो काम प्राथमिकता के साथ 20 – 21 साल पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था. वह आज तक पूरा नहीं  हो पाया है. राज्य में जो भी छोटी बड़ी आपराधिक घटनाएं होती थी, उन सभी के फोरेंसिक जांच के लिए हमेशा झारखंड को बिहार सहित दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था. इससे जांच काम काफी प्रभावित होती थी. लेकिन आज मुख्यमंत्री द्वारा  37 सहायक निदेशक व वरीय वैज्ञानिक पदाधिकारियों और 56 वैज्ञानिक सहायकों को नियुक्ति पत्र देकर इन समस्याओं को खत्म करने का काम हुआ है.

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फोरेंसिक लैब तो था, पर जांच करने के लिए अधिकारियों की काफी समस्या थी

डीजीपी ने कहा कि पूर्व में क्रिमनल जस्टिस सिस्टम के लिए एक कमिटी बनी थी. कमिटी ने एक सुझाव दिया था कि पुलिस की जांच के साथ एक फॉरेसिक जांच की भी टीम हो. राज्य में फोरेंसिक लैब तो था, पर जांच करने के लिए अधिकारियों की काफी समस्या थी. इससे राज्य में कांडों में अनुसंधान मे काफी दिक्कत आती थी. लेकिन अधिकारियों की नियुक्ति होने से इन समस्याओं के निदान हो सकेगी.

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