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अपनी तरह का पहला म्यूजियम होगा, जिसमें युद्ध पोत पर स्थापित सारे लड़ाकू उपकरणों को प्रदर्शित किया जायेगा-मंत्री श्री जयवीर सिंह

राजधानीवासियों को शीघ्र ही गोमती शौर्य स्मारक के रूप में एक शानदार तोहफा मिलने जा रहा है। इसके तहत राजधानी में स्थल का चयन शीघ्र किया जायेगा। चिन्हित स्थल पर भारतीय नौ सेना से सेवानिवृत्त आई.एन.एस. गोमती अग्रिम युद्ध पोत की प्रतिकृति को आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जायेगा।  इसके लिए पर्यटन विभाग एवं नौ सेना के अधिकारियों के साथ कई चक्र की वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस शौर्य स्मारक की स्थापना प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
यह जानकारी प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आज यहां देते हुए बताया कि इस स्मारक के आसपास पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। प्रस्तावित स्मारक में म्यूरल गैलरी, हर्बल गार्डन, रेस्टोरेंट, मनोरंजन स्थल, लैंण्ड स्केपिंग, प्रसाधन कॉम्पलैक्स, ओपन एयर थियेटर, आदि की व्यवस्था की जायेगी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस युद्ध पोत को महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव पर्यटन श्री मुकेश कुमार मेश्राम 28 मई, 2022 को मुम्बई में औपचारिक रूप से प्राप्त करेंगे। यह युद्ध पोत 126.5 मी0 लम्बा तथा 14.5 मी0 चौड़ा है। इसको अलग-अलग करके इसके सारे पार्ट्स को सड़क मार्ग से लखनऊ लाया जायेगा। इस युद्ध पोत की शानदार उपलब्धि एवं सराहनीय सेवा को आम जनता तक पहुचाने के लिए एक स्मारक के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
श्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस युद्ध पोत में आर एडब्लू एल राडार, एंकर, मिसाइल लांचर, लार्ज प्रोपेलर, सी-हैरियर एयर क्राफ्ट, शिप मास्ट, टारपिडो लांचर, शिप मैनगन, एके-725, सी0किंग हेलीकॉपटर, लड़ाकू विमान जो भी सामान है को भी लाकर पुन: इस पोत को जनता के दर्शनाथ सुसज्जित किया जायेगा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस स्मारक के अस्तित्व में आ जाने से राष्ट्रीय एकता, अखण्डता का संदेश पूरे प्रदेश मे जायेगा। इसके अलावा देश की रक्षा में नौ सेना के योगदान के बारे  में भी लोगों को जानकारी प्राप्त होगी। इसके साथ ही युवाओं एवं आगामी पीढ़ी में राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत होगी और सेना के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।  
उल्लेखनीय है कि आई.एन.एस गोमती नौ सेना में 19 मार्च, 1984 को लांच किया गया था और इसे 16 अप्रैल, 1988 को सेना में कमीशन हुआ था और 34 वर्ष कि शानदार सेवा के उपरान्त विगत मार्च में सेना से रिटायर हुआ था।

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